LPG Price Hike: क्यों बढ़ाने पड़े LPG के दाम? सरकार ने बताई असली वजह, जानिए अब कितनी महंगी हुई गैस

देश में बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों के लिए एक और झटका सामने आया है। रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकार को LPG के दाम बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी। अब सरकार की तरफ से इसकी वजह भी सामने आ गई है।

दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण भारत में भी LPG की कीमतों पर असर पड़ रहा है। सरकार का कहना है कि आयात पर निर्भरता और सब्सिडी के बढ़ते बोझ की वजह से गैस के दामों में संशोधन करना जरूरी हो गया था।

आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर LPG के दाम क्यों बढ़ाए गए और इसका आम आदमी की जेब पर कितना असर पड़ेगा।

LPG के दाम क्यों बढ़ाए गए?

सरकार के मुताबिक LPG की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ते ही इसका असर देश के बाजार पर भी पड़ता है।

हाल के महीनों में कच्चे तेल और गैस के दामों में तेजी देखने को मिली है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी LPG कीमतों को प्रभावित करती है।

सरकार ने बताया कि अगर लंबे समय तक कीमतें नहीं बढ़ाई जातीं तो तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल हो जाता है।

कितनी बढ़ी LPG की कीमत?

हालिया संशोधन के बाद घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कुछ रुपए की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि अलग-अलग शहरों में कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

शहरनई कीमत (लगभग)
दिल्ली₹950 – ₹960
मुंबई₹940 – ₹950
कोलकाता₹970 – ₹980
चेन्नई₹960 – ₹970

यह कीमतें 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के लिए हैं। कमर्शियल सिलेंडर के दाम अलग होते हैं और उनमें ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।

क्या सब्सिडी मिलेगी या नहीं?

सरकार ने साफ किया है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को सस्ती गैस उपलब्ध कराने की योजना जारी है।

हालांकि सामान्य उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल सब्सिडी सीमित है और अधिकतर लोगों को बाजार कीमत पर ही सिलेंडर खरीदना पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय हालात का भी असर

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता की वजह से भी गैस की कीमतों में दबाव बढ़ा है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस और कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो उसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर तुरंत पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थिर होता है तो LPG कीमतों में राहत भी मिल सकती है।

आम आदमी पर कितना पड़ेगा असर?

LPG की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवार के बजट पर पड़ता है। खासकर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए यह खर्च काफी मायने रखता है। एक सिलेंडर की कीमत बढ़ने से महीने का रसोई खर्च भी बढ़ जाता है।

हालांकि सरकार का कहना है कि गरीब परिवारों को राहत देने के लिए उज्ज्वला योजना जैसी योजनाएं जारी रहेंगी।

क्या आगे और बढ़ सकते हैं LPG के दाम?

ऊर्जा बाजार के जानकारों के अनुसार अगर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो आने वाले समय में LPG के दामों में फिर बदलाव हो सकता है। वहीं अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें गिरती हैं तो उपभोक्ताओं को राहत भी मिल सकती है।

फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां वैश्विक बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Disclaimer: LPG की कीमतें समय-समय पर तेल कंपनियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय बाजार, टैक्स और अन्य आर्थिक कारकों के आधार पर तय की जाती हैं। अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर संभव है। सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक तेल कंपनी वेबसाइट या स्थानीय वितरक से जानकारी जरूर लें।

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